


बयूरो : शहर में हॉस्पिटलों का फर्जीवाड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। कभी कोरोना के नाम पर तो कभी किसी अन्य बीमारी के नाम पर। पिछले 1 माह के भीतर ऐसे मामले NHS हॉस्पिटल से लेकर न्यू रूबी हॉस्पिटल, SGL हॉस्पिटल, मान मेडिसिटी आदि में सामने आ चुके है। अब एक नया मामला जालंधर के नजदीक होशियारपुर के चब्बेवाल से NHS हॉस्पिटल से सम्बंधित सामने आया है। जानकारी अनुसार एक धार्मिक स्थल ओर खड़े होकर एक पीड़ित डॉ. कुलवंत सिंह ने हैंड फ्री पर NHS हॉस्पिटल की मार्किटिंग टीम के साथ बात कर खुलासा किया कि प्रबन्धन मरीज रेफेर करने पर 20% कमीशन देगा। गौर होकि गत दिनों यहां कोविड मरीज के परिजनों द्वारा गम्भीर आरोप अधीन प्रदर्शन भी किया गया था और सोशल मीडिया पर हॉस्पिटल के डॉक्टरों को यमदूत तक कह दिया गया था। ऐसे में डॉ. कुलवंत सिंह अनुसार जब वह 20% कमीशन सेट कर अपने पिता को खांसी जुखाम की शिकायत पर NHS हॉस्पिटल लेकर गए तो जहां डॉ. विनीत महाजन ने उनका इलाज किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता अनुसार उन्हें कोविड लक्षण का कह कर डराया गया व उनके आसपास के मरीजो के साथ मारपिटाई तक की गई। 15 मार्च को दाखिल उनके पिता को डरा कर 18 मार्च को वेंटीलेटर पर डाल दिया गया और फिर उनकी मौत हो गई। मात्र 3 दिन का बिल सवा लाख से ऊपर का बना। जब इस बारे प्रबन्धन के डॉ. विनीत महाजन से लेकर डॉ. नवीन चितकारा व डॉ. शुभांग अग्रवाल से सम्पर्क किया गया तो डॉ. विनीत ने कहा कि यह डिस्काउंट है नाकि कमीशन। अन्य 2 डॉक्टरो ने फ़ोन नही उठाया। हां अगर इस बारे कोई पीड़ित या हॉस्पिटल प्रबन्धन अपना पक्ष रखना चाहते है तो हमे सम्पर्क कर सकते है। उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।







