
ब्यूरो : जालंधर नगर निगम के कमिश्नर करणेश शर्मा और मेयर जगदीश राजा के नाम पर लाखों रुपए की रिश्वत खोरी का मामला सामने आया है। जिसमें नगर निगम के कुछ अफसर और कांग्रेस के कुछ नेताओं का नाम शामिल है। मामला अशोक नगर और शहनाई पैलेस से बस्ती शेख रोड पर बन रहे अवैध शोरूम की इमारतों का है। इसमें से एक इमारत का काम कुछ दिनों पहले रुकवा कर सील कर दी गई थी, लेकिन अब तीनों इमारतों की एवज में 18 लाख रुपए की रिश्ववत वसूली गई है।
जालंधर शहर में अवैध रूप से कामर्शियल इमारतों का निर्माण तेजी के साथ हो रहा है। ऐसे ही तीन कामर्शियल इमारतों की निर्माण बगैर नक्शा और सीएलयू के हो रहे हैं। ये इमारतें अशोक नगर और शहनाई पैलेस से बस्ती शेख रोड पर बन रही हैं। इन अवैध इमारतों के मालिकों ने एक नहीं, बल्कि तीन मंजिला कामर्शियल इमारत बना रहे हैं। जिससे नगर निगम के राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
पता चला हैं कि मेयर जगदीश राजा और निगम कमिश्नर करणेश शर्मा के नाम पर रिश्वत उगाही करने वाला एक गैंग निगम में सक्रिय है। इस गैंग में निगम के बिल्डिंग ब्रांच के कुछ सेवादार, कुछ कर्मचारी और अफसर शामिल हैं। यही नहीं, इस गैंग के साथ एक आरटीआई एक्टिविस्ट की भी सांठगांठ है। जिससे ये गैंग इमारतों की शिकायत करवाता है और फिर आरटीआई डलवाता है। उसके बाद रिश्वत और मोलभाव शुरू होती है।
निगम के एक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आरटीआई डालने के बाद निगम का गैंग संबंधित बिल्डिंग मालिक को आरटीआई एक्टिविस्ट का नाम और नंबर देकर बात करने को कहता है, फिर बिल्डिंग मालिक से पहले आरटीआई एक्टिविस्ट को पैसा दिलाया जाता है, उसके बाद निगम का यह गैंग रिश्वत उगाही करता है।
इस संबंध में मेयर जगदीश राजा ने कहा है कि अगर बिल्डिंग ब्रांच के किसी सेवादार, मुलाजिम व अफसर की भूमिका पाई गई तो सीधे तौर पर बड़ी कार्ऱवाई होगी। उन्होंने कहा कि मेरी छवि खराब करने के लिए जो लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, इस संबंध में जब कमिश्नर करणेश शर्मा से बात करनी चाही तो उन्होंने अपना फोन नहीं रिसीव किया।
इन तीनों इमारतों के शिकायतकर्ता राजकुमार शर्मा ने सनसनखेज आरोप लगाए हैं। राजकुमार के मुताबिक शिकायत के बाद एक अफसर ने बिल्डिंग मालिकों से फोन करवाना शुरू कर दिया। बिल्डिंग मालिकों ने ही बताया कि वे तीनों इमारतों को बनाने की एवज में 18 लाख रुपए दे चुके हैं। जिन्हें पैसा दिया गया, उन्होंने मेयर और कमिश्नर के नाम पर पैसा लिया है।










