




ब्यूरो : जालंधर में ट्रांसपोर्ट विभाग के RTA ऑफिस में तैनात क्लर्क का घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। क्लर्क ने 2.50 लाख रुपए लेकर भट्टी ट्रांसपोर्ट के मालिक समेत तीन की कार को फर्जी विंटेज VIP रजिस्ट्रेशन नंबर अलॉट कर दिए। इसकी पोल तब खुली, जब उसमें लगी DTO की मुहर फर्जी पाई गई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि क्लर्क ने जो नंबर उन्हें दिए, वह RTA के रिकॉर्ड में किसी दूसरे के ही नाम पर चल रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब के रेलवे रोड हुमायूंपुर में रहने वाले नरेश कुमार ने बताया कि 299 डी-ब्लॉक, रणजीत एवेन्यू में रहने वाला अमृतपाल सिंह बतौर क्लर्क रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में तैनात है। साल 2011 में वह DTO ऑफिस जालंधर में तैनात था। उन्हें पता चला कि क्लर्क अमृतपाल सिंह विंटेज फैंसी VIP नंबर लगाकर देता है। उनकी अमृतपाल से जान-पहचान हो गई। पूछताछ करने पर नरेश ने कहा कि इसी दौरान उनके दोस्त भट्टी ट्रांसपोर्ट के मालिक जंग सिंह लिबड़ा ने अपनी स्विफ्ट और दो और दोस्तों अमरीक सिंह व नरिंदर सिंह ने कहा कि हमें भी फैंसी नंबर लेना है। इस बारे में अमृतपाल से बात हुई तो उसने सिंगल डिजिट वाले पुराने VIP नंबर लगाने का भरोसा दिया। उसने कहा कि सारी फॉर्मेलिटी पूरी कर देगा। इसके बदले उसने रजिस्ट्रेशन फीस के साथ 2.50 लाख रुपए मांगे। उन्हें एक स्विफ्ट के लिए PAX81, दूसरी के लिए PAQ81 और क्रूज के लिए PAX9 नंबर की RC बनाकर दी गई। जब इन दस्तावेजों की कारवाई की तो यह सारे कागजात, RC, रजिस्ट्रेशन फीस और DTO की मुहर भी जाली निकली। उन्होंने जब अमृतपाल को कानूनी कार्रवाई की बात कही तो उसने नौकरी व इज्जत का वास्ता देकर कहा कि वो यह पैसे वापस लौटा देगा। उसने 29 हजार रुपए वापस किए और 15-15 हजार के चैक दे दिए लेकिन उसके खाते में पैसे ही नहीं थे। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद इन नंबरों की जांच की तो पता चला कि PAX9 नंबर रोपड़ के बलबीर सिंह के नाम पर था जबकि PAX81 नंबर हरबंस के नाम पर है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी क्लर्क अमृतपाल सिंह के खिलाफ ठगी व एंटी करप्शन एक्ट का केस दर्ज कर लिया है।







