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जालंधरः गिक्की हत्याकांड : 11 वर्ष पश्चात 2 बरी, 2 की सजा बरकरार, पढ़ें व देखें

बयूरो : जालंधर में 2011 में हुए बहुचर्चित गुरकीरत गिक्की हत्याकांड मामले में आरोपी बनाए गए होटल रीजैंट पार्क के मालिक जसदीप सिंह जस्सू व अमरप्रीत सिंह नरूला को 11 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी दलील मे कहा कि हाईकोर्ट व सैशन कोर्ट ने जिन तथ्यों के आधार पर जस्सू व अमरप्रीत को सजा सुनाई वह पर्याप्त नहीं है और दोनों पर लगाए सभी चार्ज वापिस लेते हुए उन्हें बरी किया जाता है। बता दें कि 2011 में सेखों ग्रांड होटल के मालिक गुरकीरत सिंह गिक्की की मॉडल टाउन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसमें 4 दोषियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। क्योंकि मामले में गिक्की के पिता राजबीर सिंह सेखों पूर्व अकाली पार्षद राम सिमरन सिंह उर्फ प्रिंस मक्कड़ पर कत्ल का आरोप लगाया था। मामले में जिला व सत्र न्यायाधीश एसके गर्ग की अदालत ने जालंधर के पूर्व अकाली पार्षद समेत चार दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुमार्ना भी लगाया गया था अदालत ने इस केस में लगाई गई धारा 302 को हटाकर केवल धारा 304 के तहत सजा सुनाई। बता दें कि 21 अप्रैल 2011 की रात करीब 12.45 बजे गुरकीरत सिंह उर्फ गिक्की पुत्र राहत सिंह कार से घर लौट रहा था। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई थी। डिवीजन नंबर-6 जालंधर की पुलिस ने जांच के बाद चार आरोपियों तत्कालीन अकाली पार्षद रामसिमरनजीत सिंह मक्कड़, अमरदीप सिंह उर्फ सन्नी, जसदीप सिंह और अमरप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस सभी निवासी जालंधर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। केस जालंधर में चल रहा था लेकिन मृतक के परिजनो ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केस को किसी अन्य जिले में ट्रांसफर करवाने की गुहार लगाई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने केस गुरदासपुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में भेज दिया गया। तब से केस की सुनवाई गुरदासपुर में हो रही थी और आरोपियों को भी गुरदासपुर जेल में ही रखा गया था। मामले में युवक के परिवार की ओर से 14 गवाह अदालत में पेश किए गए थे। आरोपी पक्ष ने अपने पक्ष में 24 गवाहियां करवाई। वहीं मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ याचिका दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गुरदासपुर सैशन कोटू द्वारा 3 अगस्त 2015 को सुनाई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखने के आदेश दिए थे।