
बयूरो : दिल्ली जाना उतना महँगा नहीं पड़ता जितना दिल्ली एयरपोर्ट जाना। इसका कारण है कई बसों को एयरपोर्ट तक जाने की अनुमति न होना। आज पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा वडिंग पंजाब की सरकारी बसों को यह अनुमति दिलवाने हेतु अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर पहुंचे। बादल की ट्रांसपोर्ट बसों को दिल्ली एयरपोर्ट जाने की अनुमति है लेकिन पनबस (पंजाब की सरकारी बसों) को नहीं। वह बसें जनता से 3000 रुपए तक किराया वसूलती हैं। राजा वडिंग ने कहा कि अरविंद केजरीवाल अगर पनबस की बसों को एयरपोर्ट तक जाने की अनुमति देते हैं तो जनता को केवल 1200 रुपए में एयरपोर्ट जाने की सुविधा मिल जाएगी। राजा वडिंग व उनके साथ मांग करने पहुंचे बाकी लोगों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। जालंधर अर्बन के युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंगद दत्ता ने राजा वडिंग की इस मांग का समर्थन किया व गिरफ्तारी का विरोध किया। 
अंगद ने कहा कि एयरपोर्ट तक जाने के लिए जनता को ज़्यादा किराया देना पड़ता है। पंजाब सरकार की बसों को अनुमति मिलने से यह बोझ कम होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बादल की बसों को एयरपोर्ट जाने का परमिट दिया हुआ है तो सरकारी बसों को क्यों नहीं।
अंगद दत्ता ने कहा कि एक ओर अरविंद केजरीवाल आम जनता के हक की बात करते हैं और वहीं दूसरी ओर केवल बादल की बसों को एयरपोर्ट तक जाने की अनुमति देकर वे जनता पर अधिक बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजा वडिंग की मांग एक दम जायज़ है उसके बावजूद उन्हें व उनके साथियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके सिविल लाइन्स पुलिस थाने ले जाना बिलकुल गलत है।अरविंद केजरीवाल को पंजाब की सरकारी बसों को भी एयरपोर्ट जाने की अनुमति देनी ही चाहिए।










