




बयूरो : शहर में कोरोना काल दौरान सर्वाधिक चर्चाओं में रहने वाले NHS हॉस्पिटल के विवाद दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे है। बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय से NHS हॉस्पिटल को कुलवंत सिंह की शिकायत के मामले में क्लीन चिट दे दी गई जिसकी प्रति सार्वजनिक नही की गई है। सूत्रों अनुसार इस मामले में सेटिंग के चलते सभी बयान दर्ज कर हॉस्पिटल प्रबन्धन को क्लीन चिट दी गई है। यह मामला शहर में कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान भी खड़ा कर रहा है। यह बात गोलमाल न्यूज़ नही बल्कि शहर में शहरवासियों की आम चर्चा से निकल कर सामने आई है। लोगो मे आम चर्चा जारी है कि यह क्लीन चिट सेटिंग के आधार पर ली गई है। चाहे कुलवंत सिंह आरोप साबित न कर पाएं हो परन्तु हॉस्पिटल प्रबन्धन के हक में भी अधिकतर लोग नही है तो ऐसे में कैसे क्लीन चिट मिल सकती है। और अगर लोग हॉस्पिटल प्रबन्धन के हक में खड़े है और क्लीन चिट मिली है तो मौके पर परिजन हंगामा क्यों करते है? यह एक बड़ा सवाल है। जिसके चलते सेटिंग नामक चिंगारी शहर में भड़क चुकी है। और इस जांच पर बड़े सवाल खड़े हो रहे है। ऐसे में जब सिविल सर्जन से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने भी जवाब टालने की पूर्ण कोशिश की। और दफ्तर से छुट्टी होने का बहाना लगा सुबह प्रति मुहैया करवाने की बात कही। इस बारे जब हॉस्पिटल प्रबन्धन के डॉ. शुभांग अग्रवाल व डॉ. नवीन चितकारा को सम्पर्क किया गया तो उनके फोन बंद आ रहे थे। इस बारे गोलमाल न्यूज़ किसी आरोप की पुष्टि नही करता और इस बारे कोई भी पीड़ित या हॉस्पिटल प्रबन्धन अपना पक्ष देना चाहता है तो हमे सम्पर्क कर सकता है, उसे प्रमुखता से पहले की भांति प्रकाशित किया जाएगा।







