


इंग्लिश लैंग्वेज सकिलज़ में बनाया जाता है एक्सपर्ट
ब्यूरो : आज कल के चुनौती पूर्ण युग में विद्यार्थीयों का शिक्षा की हर विधा में पारंगत होना समय की मांग है। इसी बात को मद्देनज़र रखते हुए डिप्स चेन के स्कूलों में ना केवल परंपरागत शिक्षा पर ध्यान दिया जाता है अपितु ग्लोबल एम्बेसडर बन चुकी इंग्लिश स्पीकिंग, रीडिंग और राइटिंग का विशेष अभ्यास पढ़ाई के साथ साथ करवाया जाता है। एम.डी सरदार तरविंदर सिंह और सी.ई.ओ.मोनिका.मंडोतरा.के.दिशा-निर्देश के अनुसार कक्षाओं में इंग्लिश माध्यम से ही वार्तालाप किया जाता है तथा बच्चों को कैंपस लैंग्वेज का सही उच्चारण तथा प्रयोग ऑनलाइन सिखाया जाता है।डिप्स संस्थान के द्वारा विद्यार्थीयों की ऑनलाइन कक्षाओं में असाइनमेंट, काउंसिलग, पावरप्वाईंट प्रजेंटेशन तथा ऑडियो लिंसनिंग से इंग्लिशलैंग्वेज सकिलज़ में एक्सपर्ट किया जाता है।डिप्स संस्थान के सैकड़ों विद्यार्थीयों ने स्कूल में पढ़ते हुए इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया है। डिप्स के होनहार छात्रों अक्षत मंडोतरा, आयुशी, श्वेता, शरणबीर, सुखमनप्रीत, तानिया, अनमोल, महावीरसिंह, मनराजकौर, साजनदीप, दमनदीप, सोफिया, करनप्रीत, सुखजीत, सनी, अनुरीत, जरमनजीत, बलविंदरसिंह, जसप्रीतकौर , परमजीत, अवनीतसैनी, राधिका, गुरलीन, दविंदर, सुमनदीप, हरकमल, नवजोत, बलजिंदर, सुप्रीत, रूपिंदर, जसतंतप्रीत, तेजवीर, रजत, हरमनप्रीत, हरमीत, लुभित तथा अनेकों छात्रों ने इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट में 7 से 9 बैंड तक लेकर अपने बढ़िया प्रदर्शन का श्रेय डिप्स श्रृंखला की मैनेजमेंट और अध्यापकों को दिया जिन्होंने शुरू से ही उन्हें लैंग्वेज सीखने के प्रति उत्साहित रखा और इसी वजह से बिना ज्यादा प्रयास किए उनका टेस्ट आसानी से क्लियर हुआ। इसी संदर्भ में डिप्स ढिलवां के भूतपूर्व छात्र अमरजोत संधू ने जोब रैंपटन में एम.पी के पद पर कार्यरत हैं, विशेष रूप से जिक्रकिया कि डिप्स में किया इंग्लिश का अभ्यास उन्हें आत्मविश्वास से बचकर आगे बढ़ने में सहायक सिद्ध हुआ है।डिप्स संस्थान की युवा कमांड का प्रतिनिधित्व कर रहे सी.ए.ओ रमनीक सिंह तथा जशन सिंह ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि डिप्स का उद्देश्य है कि समय के हिसाब से खुद को तथा विद्यार्थियों के स्तर को अपग्रेड रखना और करियर ओरिएन्टेड मुकाबलों में उन्हें आगे बढ़ने की राह दिखाना है। समय का हाथ थाम कर, अपनी अलग पहचान बनाना ही डिप्स में पढ़ने वाले विद्यार्थीयों का अहम लक्ष्य है।







