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सोशल मीडिया पर फीस बारे फैल रही अफवाहों से बचें पेरेंट्स : CASA

– सही जानकारी व तथ्य जानना अति आवश्यक : अनिल चोपड़ा

ब्यूरो : सी.बी.एस.ई एफिलिएटेड स्कूलस एसोसिएशन (कासा) द्वारा पेरेंट्स और स्कूलों के फ़ासला को कम करने के लिए अध्यक्ष अनिल चोपड़ा की अध्यक्षता में मीटिंग की गई। जिसमें उपाध्यक्ष जोध राज गुप्ता, नरोत्तम सिंह, जनरल सेक्रेटरी डॉ. अनूप बोरी, जॉइंट सेक्रेटरी संजीव मड़िया, तलविंदर सिंह राजू, राजेश मेयर, विपिन शर्मा, संजीव चोपड़ा आदि शामिल हुए। सभी मेंबर्स ने बात करते हुए कहा कि पेरेंट्स और स्कूलों के संबंध ख़राब करने के लिए व्हाट्सप्प, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया साइट्स का गलत इस्तेमाल कर उन्हें फीस का भुगतान ना करने के लिए उकसाया जा रहा है। जहाँ अध्यापकों को सबसे उच्च दर्जा दे उनकी पूजा की जाती है वहीँ कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर उन्हें गालियां दे रहे हैं। उनके और स्कूलों के बारे में गलत अफवाहें फैला रहे हैं। अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने जानकारी देते हुए कहा कि आज के समय में अधिकरतर पेरेंट्स के पास स्मार्ट फ़ोन हैं। कुछ शरारती तत्व उन्हें फेसबुक एवं व्हाट्सप्प पर पुरानी खबरों, सरकार के पुराने जा फिर तोड़ मरोड़ बयानों को पेश किया जा रहा है जिससे भोलेभाले पेरेंट्स उनकी बातों में आकर स्कूल के खिलाफ हो जाता हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शरारती तत्व को इस बात की शायद जानकारी भी नहीं है कि वह किसी प्रकार लोगों में नफरत फैला रहे हैं जिसका अंजाम कुछ ही समय में बहुत बुरा नज़र आएगा। जोध राज गुप्ता, नरोत्तम सिंह ने बताया कि पेरेंट्स को फीस ना देने के लिए ग्रुप बनाकर उनमें माननीय सुप्रीम कोर्ट, माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट, और सरकार के निर्देशों को तोड़ मरोड़ भेजा जा रहा है। उन्होंने पेरेंट्स को अपील करते हुए कहा वह सोशल मीडिया पर आती ऐसी किसी भी बात पर विश्वास ना करे। जनरल सेक्रेटरी डॉ.अनूप बोरी, जॉइंट सेक्रेटरी संजीव मड़िया और तलविंदर सिंह राजू ने बताया कि स्कूल ने हमेशा छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए काम किया है। जहाँ कि कोविड-19 की मुश्किल घड़ी में सभी चीजें बंद हो गई थी उस समय भी अध्यापकों और स्कूलों ने छात्रों को पढाई के साथ जोड़े रखने के लिए हर प्रयास किया है। सभी मेंबर्स ने पेरेंट्स को ऐसी अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि सभी स्कूल माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही फीस ले रहे हैं। अगर किसी पेरेंट्स को परेशानी है तो स्कूल मैनेजमेंट से अनुरोध कर सकता है। स्कूल उनके साथ खड़े होंगें। उन्हें साथ ही कहा कि झूठी अफवाहें कानून के खिलाफ है और वह दिन दूर नहीं जब स्कूल ऐसे शरारती तत्व के खिलाफ कानूनी कारवाई करेंगे।