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अंगारों की राह सिद्धू की पालिटिक्स, तवज्जो न मिली तो हो सकते हैं बागी

– कैप्टन किसी भी तरह सिद्धू को एडजस्ट करने के मूड में नहीं
– सिद्धू के सब्र का टूटने लगा बांध, आप के संपर्क में सिद्धू खेमा

जालंधर। (अभिनंदन भारती) कांग्रेस के फायर ब्रांड नेता नवजोत सिंह सिद्धू का राजनीतिक कैरियर आजकल पूरी तरह से हिचकोले खा रहा है। कहा जाए तो सिद्धू की पालिटिक्स पूरी तरह से इस समय अंगारों पर चल रही है। अगर सही राह मिला तो तप कर वह सोना बन सकते हैं, अगर सही राह न मिली तो यही अंगारे उनके राजनीतिक जीवन को स्वाहा भी कर सकते हैं। पिछले डेढ़ साल से नवजोत सिद्धू का राजनीतिक कैरियर अज्ञातवास में चल रहा है। पार्टी हाईकमान चाहता है कि सिद्धू को प्रदेश राजनीति में मजबूत किया जाए, मगर प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते। कैप्टन नहीं चाहते कि जब तक वह प्रदेश की राजनीति के राजा कोई भी दूसरा व्यक्ति कांग्रेस में हावी हो सके। इससे पहले भी जिस जिस ने सिर उठाया, उसे कैप्टन ने कुचल डाला। अब सिधू भी पिछले डेढ़ साल से अपने राजनीतिक कैरियर को दोबारा संवारने में जुटे हैं, मगर राह दिखाई नहीं दे रही है। हाईकमान ने कैप्टन के आगे दो शर्ते रखी थी कि या तो सिद्धू को प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद दिया जाए, या फिर सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंप दी जाए। मगर कैप्टन इन दोनों पदों के लिए राजी नहीं हुए। ऐसे में अब 2022 विधानसभा चुनाव बेहद नजदीक है। अगर सिद्धू को अगले कुछ दिनों में पार्टी में मजबूती के साथ एडजस्ट न किया गया तो सिद्धू अलग राह पकड़ सकते हैं। ऐसे में इससे प्रदेश कांग्रेस को खासा नुकसान हो सकता है। सिधू के सब्र का बांध भी अब टूटने लगा है। सिद्धू खेमा लगातार आम आदमी पार्टी के संपर्क में है। कांग्रेस ने हाथ न थामा तो सिधू झाडू पकड़ने को राजी हो सकते हैं।