


ब्यूरो : हंसराज महिला महाविद्यालय जालंधर में ऋषि बोधोत्सव पर विद्यार्थियों ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अपने भाव तथा विचारों को पोस्टर बनाकर प्रकट किया। क्योंकि ऋषि दयानन्द ने सदा सामाजिक कुरीतियों का डटकर विरोध किया। उसी प्रकार विद्यार्थियों ने जैसे आज के ज्वलन्त मुद्दे नशा मुक्ति, नर नारी समानता, माता – पिता की सेवा, बड़ों का आदर, मातृ – पितृ सेवा, सम्मान तथा आज के इस शुभअवसर पर विद्यार्थियों में जो हमारे संस्कार लुप्त हो रहे हैं, उनके प्रतिजागरूक किया तथा प्रदर्शनी लगाई। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. अजय सरीन ने विद्यार्थियों की, वैदिक अध्ययन सोसायटी और संस्कृतविभाग की इस आयोजन के लिए प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों को इस प्रकार जागरूकता फैलाने के लिए तथा इस प्रदर्शनी का नाम वैलकम लाइफ स्वागत जीवन की प्रशंसा की क्योंकि जीवन तभी स्वागत योग्य होगा जब हमारे अंदर का बोध व विवेक जाग जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वह स्वयं आर्य बने और दूसरों को आर्य बनाने में कदम उठाएं तभी ऋषिवर यह बोध उत्सव मनाना सफल हो सकता है। उन्होंने ऐसे युग प्रर्वतक, युग द्रष्टा और समाज सुधारक को कोटि – कोटि प्रणाम किया। इस अवसर पर संस्कृतविभागाध्यक्षा डॉ. मीनृ तलवाड़ ने कहा कि आज सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध विद्यार्थियों ने अपने भाव और विचार पोस्टर कैनवस के माध्यम सप्रकट किए हैं। यह उनके बोध का प्रथम कदम है। उन्होने कहा कि मुझे आशा है कि इसी प्रकार जीवन में वह जागरुकता से उच्च से उच्च पद प्राप्त कर एक सुदृढ समाज की नीव में अपना बहुमूल्य योगदान देगी। महर्षि दयानन्द एस महान व्यक्तित्व जिनका सम्पूर्ण व्यक्तित्व एक संस्था के समान था। डीन वैदिक अध्ययन स्टडीज ममता ने कहा कि योगी और समाज सुधारक उनसे पहले भी और उसके बाद में भी बहुत हुए है पर व अपने देश के अनोखे योगी जिन्होने अपना सारा जीवन समाज कल्याण पर न्यौछावर कर दिया। उन्होंने इस अवसर पर ऋषिवर को प्रणाम किया तथा कामना की कि दयानन्द का आशीवाट सदा हम सब पर बनारह और सभी अपने जीवन में ऊचाईयों को सके।







