


ब्यूरो : बैंकों के निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान SBI की मेन ब्रांच में बैंक कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। बैंकिंग सेवाएं ठप होने से पहले दिन ही जालंधर जिले में बैंकों की 720 ब्रांचों में 800 करोड़ का कारोबार ठप हो गया। वहीं, अब ATM भी ड्राई होने की भी संभावना बन गई है ऐसे में आम लोगों की मुश्किल बढ़ सकती है। बैंक यूनियनों के युनाइटेड फोरम के कनवीनर अमृतलाल ने कहा कि सरकार पब्लिक सेक्टर बैंकों को प्राइवेट सेक्टर के हाथों में देने की कोशिश कर रही है। इससे बैंक कर्मचारियों के साथ आम लोगों का भी नुकसान होगा। इससे आम जनता की बचत का इस्तेमाल कार्पोरेट हाउस इस्तेमाल करेंगे। इससे आम लोगों को बैंकों से मिलने वाले लाभ से भी वंचित होना पड़ेगा। इस मौके बैंक कर्मचारियों ने निजीकरण की नीति को बंद कर कार्पोरेट्स के बकाया NPA को भी माफ करने का जोरदार विरोध किया और इसकी वसूली के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
शहर में 380 और जिले में 720 ब्रांचों में काम ठप
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से जालंधर शहर की 380 और जिले की कुल 720 ब्रांचों में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दी गई हैं। बैंक भी बंद रहेंगे क्योंकि अफसरों से लेकर ब्रांच मैनेजर तक हड़ताल में शामिल हो चुके हैं। इस दौरान 25000 चैकों की क्लियरेंस नहीं होगी और उससे 230 करोड़ का लेन-देन प्रभावित होगा। कैश में होने वाले 220 करोड़ का काम भी बंद रहेगा। हड़ताल के चलते शहर में 450 और जिले में 800 करोड़ का कारोबार ठप रहेगा।








