
बयूरो : शुक्रवार को जहां भाजपा ने 34 उम्मीदवारों का ऐलान किया वहीं शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) द्वारा 12 उम्मीदवारों का नाम घोषित किया गया। इस सूची में जालंधर के नार्थ, सेंट्रल व वेस्ट हल्के के उम्मीदवार घोषित कर दिए गए है और कैंट हल्के को अभी होल्ड किया गया है। इस सीट पर जहां पुराने भाजपाई अमरजीत अमरी व हिन्दू चेहरा अमित तनेजा मजबूत दावेदारी पेश कर रहे है वहीं अकाली दल (बादल) से खफा सीधा पंजाब भाजपा चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा दिल्ली में भाजपा का दामन थमने वाले सरबजीत मक्कड़ अपने आप को उम्मीदवार घोषित कर चुके है।
लेकिन इस सब के बीच कैंट को पेंच उम्मीदवारों में तो जहां फंसा है वही भाजपा से यह सीट कैप्टेन अमरिन्दर सिंह अपनी पंजाब लोक कांग्रेस को देने की जिद्द पर अड़ गए है। अंदरूनी सूत्रों अनुसार जहां भाजपा हाईकमान गजेंद्र शेखावत की बात पर फूल चढ़ा कर सरबजीत मक्कड़ को उम्मीदवार बनाना चाहती है वहीं तरुण चुघ अमित तनेजा के नाम को लेकर एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे है। वहीं अमित तनेजा के नाम को लेकर सांपला उनकी बलि देने को तैयार है क्योंकि उनके समेत उनके परिवारिक सदस्य को टिकट दी जा सकती है। वहीं अमरजीत अमरी भी एक तीसरी लॉबिंग के जरिए सीट लेने को लेकर अड़े हुए है। वहीं भाजयुमो महामंत्री नरिंदर पाल ढिल्लों के लिए भी संघ की एक लॉबी लॉबिंग कर रही है। जोकि गुपचुप तरीके से जारी है।
लेकिन हो सकता है यह सीट भाजपा की जगह पंजाब लोक कांग्रेस को दे दी जाए क्योंकि अकाली-भाजपा गठबंधन दौरान भी यह सीट अकाली दल लड़ता था। ऐसे में यह सीट भाजपा कैप्टेन अमरिन्दर को भी दे सकती है। क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह इस सीट से अपने खासम खास गौतम कपूर या सोनू ढेसी को चुनाव लड़ाना चाहते हैं।
ऐसे में जालंधर कैंट सीट को लेकर जहां भाजपा में हिंदू सिख चेहरा मुद्दा बना हुआ है वहीं गठबंधन में सीट भाजपा कोटे में जाएगी या कैप्टन अमरिंदर सिंह कोटे में, को लेकर मुद्दा बना हुआ है। यही समीकरण और मुख्य मुद्दों को कारण कैंट सीट को उम्मीदवार देने से अभी होल्ड कर दिया गया है।










