









बयूरो : जालंधर की ‘फुलकारी’ महिलाओं ने धागा उद्योग के कुछ पारंगत कलाकारों का सम्मेलन स्थानीय कार्यालय में आयोजित किया। इसका उद्देष्य बुनाई व क्रोशिया कला को पुर्नजीवित करना था।
भाग लेने वाले हुनर के धनी आए मैम्बरों को सिखाया व समझाया गया। इस सम्मेलन में लगभग 40 महिलाओं ने भाग लिया। पूर्णिमा सूद मुख्य अतिथी थी। उन्होंने बनाई व क्रोशिया कला का समाज में परोपकार के लिए उपयोग व उनकी इसके लिए कोशिशों के बारे में बताया।
सिमरन पेन्टल, प्रधान, जालंधर फुलकारी ग्रुप, ने इस कला को उपयोग से कई व्याधियों का उपचार की सम्भावना जताई जैसे आत्मसम्मान का उठना, भूलने की बिमारी पर विजय पाना, चिन्ता को दूर करना व कला में सृजनात्मक विकास व मानसिक अवस्था में सुधार करना था।
डा. स्नीग्धा महाजन ने बताया कि इस सम्मेलन में बताई गई सभी कलाओं का उपयोग वंचित जनों के लाभ के लिए किया जाएगा।













