ब्यूरो : पंजाब पुलिस की भर्ती में घोटाले का आरोप लगाते हुए युवाओं ने जालंधर में BSF चौक पर रातभर धरना दिया। इन सभी युवाओं ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन इन्होंने भर्ती में बेइमानी किए जाने का आरोप लगाया है, जिसके विरोध में वे भरी ठंड में BSF चौक को घेर कर बैठे रहे। हालांकि रात में पुलिस के कुछ अधिकारी मौके पर आए और उन्होंने भर्ती के लिए गठित बोर्ड के चेयरमैन से उनकी मीटिंग करवाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। युवाओं का आरोप है कि दिन में भी पुलिस अधिकारियों ने डीसी जालंधर के साथ बैठक करवाई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। डीसी ने उन्हें जुबानी आश्वासन दिया कि मामले की जांच करेंगे। लेकिन जब उन्होंने कहा कि आरक्षण व अन्य खामियों को दूर करने के लिए उन्हें लिखित में दिया जाए तो इससे वह पीछे हट जायगे।
युवाओं का कहना है कि पिछले दिनों सरकार ने पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती निकाली थी। इसके लिए ग्राउंड टेस्ट से पहले सितंबर महीने में लिखित परीक्षा ली गई थी। परीक्षा में मेरिट में आने वाले अभ्यार्थियों को ही ग्राउंड टेस्ट के लिए बुलाया जाना था। अब नतीजे घोषित होने के बाद राज्यभर में धरने प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। क्योंकि पुलिस में भर्ती के लिए हुए टेस्ट की जो मेरिट जारी की गई है, उसमें जमकर हेराफेरी हुई है। अनुसूचित जाति, जनजाति के आरक्षण इत्यादि का कोई ध्यान नहीं रखा गया। जिन्होंने टेस्ट में नंबर ज्यादा लिए हैं, उन्हें मेरिट सूची से बाहर निकाल दिया गया है, जबकि जिनके अंक कम आए हैं, उन्हें ग्राउंड टेस्ट के लिए बुलावा भेज दिया गया है। जब तक सारा काम पारदर्शिता से नहीं होता, तब तक वह धरना नहीं उठाएंगे। लोगों को हो रही परेशानी पर उन्होंने कहा कि वह लोगों को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार और उसके अधिकारी उनकी बात को सुनते ही नहीं, जिस वजह से उन्हें सड़कों पर बैठना पड़ रहा है।








