


ब्यूरो : छात्रों को बेहतरीन शिक्षा और अच्छे नागरिक बनाने के मंतव्य से चले जाते प्राइवेट स्कूलों को कोरोना काल से लेकर अब तक आ रही परेशानियों और समस्यों को लेकर सी.बी.एस.ई एफिलिएटेड स्कूल्ज एसोसिएशन द्वारा पंजाब के माननीय मुख्य मंत्री स.चरणजीत सिंह चन्नी को एक मांग पत्र दिया गया। इस अवसर पर कासा के अध्यक्ष अनिल चोपड़ा, उपाध्यक्ष जोधराज गुप्ता, जनरल सेक्ट्ररी डॉ. अनूप बोरी, तलविंदर सिंह राजू, विपिन शर्मा ने सी.एम चन्नी को मांग पत्र देते हुए बताया कि प्राइवेट स्कूलों के टैक्सों, बिल्लों आदि को लेकर एक भारी बोझ बना हुआ है।
अध्यक्ष चोपड़ा ने बताया कि सभी स्कूल चलाई जाती ट्रांसपोर्ट छात्रों की सुविधा के लिया चलाई जाती हैं और पडोसी राज्यों जैसे हरियाणा, दिल्ली आदि में टैक्स माफ़ है उसी प्रकार पंजाब के स्कूलों के लिए निति तैयार कर टैक्स माफ़ करना चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि स्कूलों को हर वर्ष बिल्डिंग सेफ्टी और फायर सेफ्टी आदि जैसे सर्टिफिकेट एक वर्ष के बाद लेने लेने पड़ते हैं जबकि बिल्डिंग को वर्ष, दो वर्षों में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आती इसलिए इसे 5 वर्ष करना चाहिए। अध्यक्ष चोपड़ा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों को बिजली दर कमर्शियल रूप में लगाई जाती है जब स्कूल चैरिटेबल होते हैं और पड़ोसी राज्यों की तरह प्राइवेट स्कूलों से डोमेस्टिक दर प्राप्त करनी चाहिए और कोविड-19 के समय के स्कूलों के बिल माफ़ किये जाने चाहिए। सभी मेंबर्स ने कहा कि कोरोना के समय में स्कूलों की बसों, बिल्डिंग और अन्य चीजों लोन, उनका ब्याज आदि का भारी बोझ स्कूलों पर जिसके कारण बहुत से स्कूल बैंकों के पास एनपीऐ हो चुके हैं और बंद होने की कगार पर हैं उन पर भी निति तैयार कर माफ़ करने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों ने हमेशा समाज और सरकार के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है और इस समय स्कूलों को सरकार के साथ की जरूरत है। सीएम चन्नी ने स्कूलों की जरूरतों को समझते हुए जल्द उन्हें सुलझाने का आश्वासन दिया।











