


ब्यूरो : वर्ष 2021 का एडमिशन/रजिस्ट्रेशन सेशन शुरू हो चूका हैं लेकिन कॉलेजों और सरकार में एस.सी छात्रों के पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम को लेकर अभी तक मामला स्पष्ट होता नज़र नहीं आ रहा। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ कॉलेजिस एंड स्कूल्ज ऑफ़ पंजाब के प्रतिनिधियों के अनुसार केंदर सरकार द्वारा मार्च 2021 में पंजाब सरकार को 232 करोड़ की स्कालरशिप राशि रिलीज़ की गई थी जिसे पंजाब सरकार ने कॉलेज को 30 मार्च 2021 से पहले रिलीज़ करने थे लेकिन डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी वह फण्ड कॉलेजों को जारी नहीं किये गए हैं। इसके बारे में जानकारी देते कॉन्फ़ेडरेशन के चेयरमैन अश्वनी सेखड़ी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि छात्रों की स्कालरशिप का 60 प्रतिशत और अनुरक्षण भत्ता शामिल था जो कि सभी उनएडिड कॉलेजों के लिए एक आशा की किरण के रूप में आया था। क्योंकि कॉलेजों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार की हिदायतों के अनुसार वह राशि 30 मार्च तक कॉलेजों आएगी जिससे वह अपने लोन और अन्य खर्चों के कुछ हिस्से का भुगतान कर सकेंगे। लेकिन 30 अप्रैल बीत जाने तक ना तो सरकार ने वह राशि जारी की है ना ही इसके बारे में कोई जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस से साफ़ जाहिर हो रहा कि पंजाब सरकार कॉलेजों को गरीब एस.सी छात्रों की एडमिशन रोकने के लिए मजबूर कर रही है। अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने कहा कि इससे पहले भी 3 वर्षों की स्कालरशिप राशि जो कि सभी कॉलेजों को मिलकर 1850 करोड़ के करीब सरकार की तरह बकाया है। यही कारण के एस.सी छात्रों की एडमिशन में भारी गिरावट भी आई है। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए पंजाब में शिक्षा के सत्र को बचने के लिए केंद्र से आई 232 करोड़ की राशि जल्द से जल्द जारी करने और पिछले तीन वर्षों की 1850 करोड़ की राशि को जल्द कॉलेजों को प्रदान करने के लिए अपील की।कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ पॉलिटेक्निक कॉलेज के अध्यक्ष विपिन शर्मा, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ नर्सिंग कॉलेज के अध्यक्ष संजीव चोपड़ा ने बताया कि बहुत से कॉलेजों में कई महीनों की वेतन लंबित हो चुकी है और बहुत से कॉलेज 30 मार्च 2021 तक पैसे ना आने एन.पी.ऐ हो चुके हैं। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष तलविंदर सिंह राजू, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंजीनियरिंग इंस्टीच्यूट्स के अध्यक्ष अमित शर्मा ने कहा कि अन्य राज्य समय पर छात्रों की स्कालरशिप का पैसा रिलीज़ कर रहे हैं उसी प्रकार अगर पंजाब सरकार भी करे तो शिक्षा के सत्र को पंजाब में भी उच्चा उठाया जा सकता है।







