


बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों का होना उन्नत राष्ट्र का प्रतीक है : एम.डी तरविंदर सिंह
ब्यूरो : समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना तो डिप्स में सिखाया ही जाता है, अपितु अपनी अमीर विरासत और परंपराओं के बारे में भी भली भांति अवगत करवाया जाता है । पंजाब के हरमन प्यारे त्योहार बैसाखी को हर्षोललास के साथ डिप्स श्रृंखला के विभिन्न स्कूलों द्वारा मनाया गया। रंग बिरंगी पारंपरिक लिबाज़ में विद्यार्थी खेतों में लगे सुनहरी सिटटों से लग रहे थे जो ढोल और संगीत की थाप पर लहलहा रहे थे। सीनियर विद्यार्थीयों ने खेतों के बीचों बीच खड़े हो कर पूरे जोश और गर्व के साथ पंजाब की अमीर विरासत की बात की , फसलों की बात की और किसानों की अनथक मेहनत की बात की। इस अवसर पर डिप्स श्रृंखला के एमडी सरदार तरविंदर सिंह ने कहा कि विद्यालय भी खेतों की तरह होते हैं जहां देश के भविष्य की पौध को जानकारी, आत्मविश्वास और सिद्धांतों की खाद देकर सींचा जाता है और डिग्री रूपी सिटटे लेकर विद्यार्थी देश सेवा के लिए तैयार हो जाते हैं। विद्यार्थीयों को साहिबे कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की समाज को देन की महानता बताते हुए डिप्स चेन के सीएओ रमनीक सिंह एंव जन सिंह ने बच्चों को आपसी प्रेम और एक दूसरे के काम आने की प्रेरणा दी और अपने परिवार और समाज के प्रति आत्मीयता भरा व्यवहार रखने की बात की। डिप्स संस्थान के स्कूलों में मेले जैसा माहौल प्रति आत्मीयता भरा व्यवहार रखने की बात की । डिप्स सस्थान क स्कूला म मल जसा माहाल देखने को मिला। कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए , झूलों को फूलों से सजाया गया , कहीं चूडियां थीं कहीं जलेबी कहीं परादें और कहीं मिटटी का चौंका चूल्हा। सब तरफ ठहाके ही ठहाके । कुछ प्रिंसीपलज़ खुद खेतों में जा कर गर्व से झूम रहीं गेहूं की फसलें दिखा रहे थे । डिप्स श्रृंखला की सीईओ मोनिका मंडोतरा ने अध्यापकों और बच्चों को बैसाखी का महत्व समझाते हुए कहा कि खुशियों के पल सब के साथ मनाने से त्योहारों का मज़ा दोगुना हो जाता है और इसी भाईचारे का डिप्स तहेदिल से सम्मान करता है। एमडी सरदार तरविंदर सिंह ने डिप्स के सभी अभिभावकों को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डिप्स सब की खुशहाली और तरक्की की मंगल कामना करता है। विद्यार्थीयों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संभालने की जिम्मेदारी का एहसास डिप्स श्रृंखला द्वारा त्योहारों के माध्यम से करवाया जाता रहेगा।







