


ब्यूरो : जालंधर सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूंशस साउथ कैंपस शाहपुर में नैक (एन.ए.ए.सी) मान्यता पर वर्कशाप का आयोजन करवाया गया। इस वर्कशॉप में एसोसिएट प्रोफेसर संदीप चाहल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। प्रो. चाहल ने कई कॉलेजों को नैक (एन.ए.ए.सी) की मान्यता प्राप्त करने के लिए मदद की है। वर्कशॉप को करवाने का मुख्य उद्देश्य सीटी ग्रुप के स्टाफ मैंबर्स को नैक (एन.ए.ए.सी) मान्यता से संबंधित हर छोटी से छोटी जानकारी दी। ताकि वह पूरी निष्ठा के साथ काम कर सके। इस वर्कशॉप में इंस्टिट्यूशंस के सभी स्टाफ मैंबरों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लेने के साथ ही नैक मान्यता से संबंधित ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करने की कोशिश की। मुख्य वक्ता ने ए.यू.ए.आर (अनुएल वालिटीएश्योरेंस रिपोर्ट) पर ध्यान केंद्रित किया। इसके साथ ही उन्होंने आई.यू.ए.सी (इंटरनल वालिटी एश्योरेंस सैल) के महत्व एंव उसकी उपोगता के बारे में भी विस्तार से बताया। मुख्य वक्ता संदीप चाहल ने अंत में वित्तीय व शैक्षिक रिकॉर्ड के लिए जरूरी डाटा अवधि के बारे में भी बात की। संदीप चाहल ने नैक (एन.ए.ए.सी) मान्यता प्राप्त करने वाले विभिन्न माप-दंडों के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंने सभी सदस्यों को इंस्टिट्यूशंस के प्रति अपनेपन की भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। शाहपर कैंपस के डायरेक्टर डा. जी.एस कालरा ने वर्कशॉप में आए मुख्य वक्ता का आभार प्रकट किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नैक की अवधारणा को सही तरीके से समझाने के लिए और मान्यता प्राप्त करने के लिए इस वर्कशॉप का होना बेहद जरूरी था।







