Home Education LPU के विद्यार्थी विश्व की विशालतम इनोवेशन प्रतियोगिता ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ में...

LPU के विद्यार्थी विश्व की विशालतम इनोवेशन प्रतियोगिता ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ में विजयी रहे

स्मार्टर इंडिया की ओर कार्य करने के लिए यह प्रतियोगिता इन्नोवेटर्स के लिए दुनिया का सबसे बड़ा खुला मंच

इसमें स्टूडेंट्स , मंत्रालय, पब्लिक सेक्टर, निजी संगठन और शैक्षिक संस्थान टीम के रूप में कार्य करते हैं

एलपीयू के विद्यार्थियों ने सीसीटीवी निगरानी प्रणाली के तहत सोलो आईओटी डिवाइस के लिए काम किया जिससे संदिग्ध गतिविधियों का पता आसानी से लग सके 

एलपीयू के विद्यार्थी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट् के तहत पीएम मोदी के मेक इन इंडिया, आत्म निर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों पर खरे उतर रहे हैं

 

बयुरो : एलपीयू में इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों की टीम “इलेक्ट्रानिका” ने लगातार दूसरी बार दुनिया की सबसे बड़ी ओपन इनोवेशन प्रतियोगिता ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के हार्डवेयर एडिशन -2020’ में शानदार जीत दर्ज की है। यह प्रतियोगिता मानव संसाधन विकास मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और संबद्ध सरकारी निकायों द्वारा संचालित की जाती है। मध्य प्रदेश सरकार के माध्यम से एलपीयू के विद्यार्थियों के लिए इस साल की समस्या थी ‘सोलो आईओटी डिवाइसेस’ के द्वारा वीडियो और ऑडियो सबूतों को एकत्र करना। एलपीयू के 6 विद्यार्थियों की एक टीम ने रेलवे स्टेशनों पर मैट्रिक्स टाइमर की तरह के डिस्प्ले बोर्ड में छिपी हुई सूक्ष्म सीसीटीवी निगरानी प्रणाली” विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत की। यह प्रणाली संदिग्ध व आपराधिक गतिविधियों का पता लगाने और यहां तक कि संदिग्धों को ट्रैक करने में भी मदद कर सकती है। एलपीयू की टीम के लीडर मे दिसेट्टी अरुण साई तेजा ने इस प्रोजेक्ट के लिए साथी इंजीनियरिंग विद्यार्थियों जूलरी भरत कुमार, नुक्ला राम कुमार, मीका विष्णु माधवी, नैथिक गोहिन और कस्तूरी भान प्रकाश के साथ काम किया था। भरत कुमार बताते हैं कि “यह सीसीटीवी सिस्टम बहुत सटीक है और सब कुछ स्पष्ट देखने के लिए 360 डिग्री पर काम करता है। इंटरनेट आधारित होने के कारण इससे विपरीत गतिविधियां कितनी भी दूरी से नियंत्रित की जा सकती हैं | एलपीयू के फैकल्टी मेंबर मनदीप सिंह और राजेश कुमार ने टीम को निर्देशित किया था। विजेताओं को बधाई देते हुए, एलपीयू के चांसलर श्री अशोक मित्तल ने कहा: “हमारे विद्यार्थियों की “टीम इलेक्ट्रॉनिका” को एक अजेय टीम के रूप में कहा जा सकता है। यहां तक कि कोविड महामारी जैसे भयानक समय के दौरान भी इन विद्यार्थियों को एक राज्य सरकार द्वारा उनके समक्ष आई समस्या के लिए उन्होंने सही समाधान विकसित किया । और अब इन विद्यार्थियों की मेहनत का शानदार परिणाम हम सभी के सामने है। एक तरह से, हमारे विद्यार्थी नियमित रूप से पीएम मोदी की अपेक्षाओं पर पूरा उतर रहे हैं, चाहे वह डिजिटल साक्षरता में वृद्धि हो या ‘मेक इन इंडिया, आत्म भारत भारत’ जैसे पीएम जी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हों।” गई हैकथॉठ ठ्न।‌‌ के लिए, देश भर से कई मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, निजी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया । केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में डीआरडीओ, इसरो, जल शक्ति, आयुर्वेद, फ़ूड प्रोसेसिंग , संचार, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, रेलवे, एटॉमिक एनर्जी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, एमएसएमई, वित्तीय सेवाएं आदि शामिल रहे । प्रतियोगी विद्यार्थियों के लिए ये विभाग समस्याएँ पेश करते हैं और इसके बदले में, विद्यार्थी इन संगठनों या सरकार द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं के लिए उपयुक्त समाधान प्रदान करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वास्तव में, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो विद्यार्थियों को दिन-प्रतिदिन सामने आने वाली समस्याओं को सुलझाने के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करती है। यह विशाल और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता प्रोडक्ट्स इनोवेशन की एक संस्कृति को विकसित करने और किसी भी समस्या को सुलझाने के प्रति ठोस कार्य करती है। विभिन्न क्षेत्रों में समाधान प्राप्त करने के लिए रोबोटिक्स और ड्रोन, वेस्ट मैनेजमेंट , क्लीन वाटर , फ़ूड प्रोसेसिंग , स्मार्ट वाहन, कृषि और ग्रामीण विकास, हेल्थ केयर, स्मार्ट कम्युनिकेशन आदि शामिल हैं। वर्ष 2017 में आरम्भ हुए इस हैकथॉन ने अब तक 7218 संस्थानों, 256 संगठनों से 10 लाख इनोवेटरों की भागीदारी देखी है। इसके अलावा, 1886 समस्या सुलझाने के संदर्भ में 5635 चयनित आइडियाज पर काम किया गया है।