

बयूरो : नकोदर हल्के की राजनीति चुनावों के ऐलान पश्चात 1-1 दिन बीतते गर्माती जा रही है। जहां नकोदर हल्के से पूर्व कांग्रेसी विधायक व कैबिनेट मंत्री अमरजीत सिंह समरा वैसे तो जो भी उनसे चुनाव लड़ने हेतु सवाल पूछता है वह इनकार ही कर रहे है लेकिन चुनाव लड़ने के पूरे इच्छुक है क्योंकि अंदरखाते लॉबिंग खासी तेज कर रहे है।
वहीं इस सीट से इस बार दावेदारों में 2 तेज तर्रार व युवा नेता भी शामिल है। पहले हैं अश्वन भल्ला तो दूसरे अरविंद शर्मा। इन दोनों की दावेदारी खासी मजबूत है तभी हाई कमान भी कंफ्यूज है कि सीट पूर्व विधायक को देकर किस्मत आजमाई जाए या बदलाव करते हुए दोनों युवाओं में से किसी एक को चुना जाए।
दरअसल कांग्रेस हाई कमान इस बार कोई रिस्क लेने के मूड में नही और बेहतर विकल्प समरा को दरकिनार करते हुए अश्वन या अरविंद में से किसी युवा को चुनना होगा क्योंकि दोनों को ही हल्के में खासा एक्टिव भी देखा जा रहा है और उन्हें भरवा हुंगारा भी मिल रहा है।
बात अगर अरविंद की करें तो वह जन्में इसी हल्के के शंकर पिंड में है तो अश्वन को डेरा बाबा मुराद शाह जी का आशीर्वाद हासिल है। जहां अरविंद पढ़े भी नकोदर के नेशनल कालेज से है और युवाओं में खासी पहचान रखते है तो वही अश्वन के लिए देहाती यूथ कांग्रेस प्रधान हनी जोशी ने इलाके में दिन-रात एक किया हुआ है। कुल मिला कर दोनों युवा नेता तेज तर्रार भी है और युवाओं में पैठ भी रखते है। वहीं नकोदर हल्के में अच्छी खासी पकड़ बनाए हुए है। बात अगर पंजाब की सीनियर लीडरशिप की करें तो अरविंद डिप्टी सीएम सोनी व रंधावा के नजदीकी हैं वहीं अश्वन भल्ला भी लगातार सीएम चन्नी से लेकर कांग्रेस प्रधान सिद्धू तक से जुड़े हुए है।
ऐसे में दोनों युवाओं में से समरा को कौनसा नेता टिकट की पटखनी देगा यह आने वाले समय में कांग्रेस की सूची बयान करेगी लेकिन जिसे भी टिकट मिली वह उभरेगा बहुत बड़ा लीडर बनकर क्योंकि दोनों (अश्वन व अरविंद) के पास विरोधियों जिनमे मुख्य तौर पर फिलहाल नकोदर से विधायक अकाली नेता गुरप्रताप सिंह वडाला को हराने का जज़्बा है।










