




बयूरो : जालंधर सेंट्रल हल्के के राजनीति जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है, गर्माती जा रही है। गत वर्षों जब राजिंदर बेरी को टिकट नही दी गई थी तब जगदीश राजा ने बेरी के हक में आवाज बुलंद की थी, जिसको देखते हुए टिकट बदल कर बेरी को दी गई थी। इसका एहसान बेरी ने बतौर विधायक रहते तब चुकाया जब शहर में राजा को मेयर नवाजा गया था। लेकिन अब हालात कुछ और है। मेयर राजा ने गत दिनों करीब 11 पार्षदों के साथ एक मीटिंग की जिसमे सेंट्रल हल्के से बतौर विधायक पद की दावेदारी पर चर्चा हुई।
इसी कड़ी में अब एक नया मोड़ आ गया है। विधायक बेरी द्वारा कांग्रेस में शामिल करवाए गए तत्कालीन विधायक कालिया के करीबी जिम्मी कालिया, ने भी कांग्रेस हाई कमान से विधायक टिकट की दावेदारी ठोकने का मन बना लिया है। अंदरखाते जिम्मी कालिया हल्के में एक्टिव हो गए है क्योंकि कालिया के समय उन्होंने ही हल्के में विकास कार्य संभाला था। पिछले कई महीनों से वह शांत थे लेकिन अब वह एक बार फिर एक्टिव हो गए है। और हल्के में अपने समर्थकों से मीटिंगों का आगाज़ कर दिया है। सेंट्रल हल्के में अब कांग्रेस अपने अंदर ही उलझ गए है कि मौजूदा विधायक को चुने या शहर का नाश करने वाले पार्षदों के पसंदीदा मेयर को या भाजपा-अकाली सरकार में हल्के में विकास करवाने वाले जिम्मी कालिया को। समीकरण अनुसार ग्राउंड स्तर पर जिम्मी कालिया हल्के में अच्छी खासी पैठ रखते है। जहां वह दावेदारी का मन बना चुके है वही कांग्रेस द्वारा टिकट न दिए जाने पर वह कोई बड़ा धमाका भी कर सकते है। जिससे कांग्रेस को सीट गंवानी भी पड़ सकती है।










