


बयूरो : डिप्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन रड़ा मोड़ में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। कॉलेज में महिलाओं के कानूनों और उनके अधिकारों पर विचार विर्मश किया गया। पुरुषों के बराबर महिलाओं को बहुत से अधिकार मिल हुए है लेकिन महिलाओं पर समाज में अभी भी मानसिक व शारीरिक तौर पर कई तरह के अत्याचार किए जाते है। छात्रा कुलवीर कौर ने एक कविता के माध्यम से महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के बारे में जानकारी दी। छात्रा अरमन, सिमरनजीत और सिमरन घरेलू हिंसा और कार्यरत महिलाओं पर होने वाले अन्याय के बारे अन्य छात्राओं को जागरूक करते हुए बताया कि कई बार महिलाएं इन अन्याय को रोजाना जिदंगी का हिस्सा मान कर चुप रह जाती है लेकिन हमें चुप नहीं रहना चाहिए। राजविंदर, कविता, बलजीत कौर ने इन अत्याचारों को रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए विभिन्न कानूनों के बारे में जानकारी दी। टीचर्स दिव्या, प्रियंका और जसविंदर ने कहा कि अगर आज वह अपने हक के लिए जागरूक होगीं तो आने वाले समय में वह बाकी छात्राओं को भी जागरूक कर पाएगीं। इसलिए अपने हक के लिए आज की पीढ़ी को खुद ही आगे आना होगा। प्रिंसिपल ज्योति गुप्ता ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के लिए बहुत से कानून बनाए गए है परन्तु उन्हें पूर्ण तौर पर लागू नहीं किया गया है। इसके लिए हमारे समाज को जागरूक करना बहुत ही जरूरी है।











