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एलपीयू ने अपने 117 शीर्ष शोधकर्ताओं और फैकल्टी सदस्यों को 30 लाख रुपये के पुरस्कारों से सम्मानित किया

• भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास और इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने समारोह की अध्यक्षता की

• यह अवसर था एलपीयू के वार्षिक ‘फैकल्टी एप्रिसिएशन अवार्ड समारोह’ का

बयूरो : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने वार्षिक ‘फैकल्टी एप्रिसिएशन अवार्ड समारोह’ के दौरान अपने शीर्ष 117 शोधकर्ताओं और फैकल्टी सदस्यों को सम्मानित किया। इस प्रति असाधारण अनुसंधान और शिक्षण गतिविधियों में विशिष्ट योगदान देने वाले एलपीयू के 117 शिक्षकों को उनकी शानदार विशिष्टताओं के लिए 30 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। भारत सरकार के ग्रामीण विकास और इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने इस समारोह की अध्यक्षता की, जहां 2019-20 सत्र के लिए 27 और 2020-21 सत्र के लिए 54 अनुसंधान उत्कृष्टता पुरस्कार; 34 शिक्षण प्रशंसा पुरस्कार; और, डॉ सीबी गुप्ता के नाम पर 2 शिक्षण प्रशंसा पुरस्कार प्रदान किए गए।

एलपीयू के शांति देवी मित्तल सभागार में पुरस्कार विजेताओं, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों को बधाई देते और संबोधित करते हुए मंत्री कुलस्ते ने अनुसंधान, रैंकिंग, मान्यता, प्लेसमेंट, इनोवेशन और अन्य क्षेत्रों में एलपीयू की शानदार उपलब्धियों की सराहना की। एलपीयू की उपलब्धियों पर गर्व करते हुए, कुलस्ते ने यह भी उल्लेख किया कि एलपीयू देश के विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसने शिक्षा क्षेत्र में बहुत बढ़िया योगदान दिया है। उन्होंने एलपीयू के शिक्षकों और मैनेजमेंट के सक्षम मार्गदर्शन से दुनिया की शीर्ष दस कंपनियों में एलपीयू के विद्यार्थियों की प्लेसमेंट के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने एलपीयू को विभिन्न विषयों में सभी विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ एक एकल परिसर विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए देश के अग्रणी विश्वविद्यालय के रूप में घोषित भी किया।

इस अवसर पर लवली ग्रुप के चेयरमैन रमेश मित्तल, वाइस चेयरमैन नरेश मित्तल, एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल, प्रो-चांसलर रश्मि मित्तल, प्रो-वाइस चांसलर डॉ लोवी राज गुप्ता और एग्जीक्यूटिव डीन व रजिस्ट्रार डॉ मोनिका गुलाटी भी मुख्य अतिथि के साथ एलपीयू के फैकल्टी सदस्यों को पुरस्कार वितरण के लिए मुख्य मंच पर मौजूद थे।

अनुसंधान, विकास और शिक्षण में शिक्षकों की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए चांसलर अशोक मित्तल ने कहा: “मैं अपने उन सभी शिक्षकों की प्रशंसा करता हूं जिनके काम को लगातार दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। उन्हें अपने विद्यार्थियों को भी प्रेरित करना चाहिए ताकि हमारे विद्यार्थी जरूरत के समय में समाज की मदद करने के लिए शानदार उपलब्धियों द्वारा योगदान दे सकें।” मित्तल ने टाइम्स हायर एजुकेशन ग्लोबल रैंकिंग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में एलपीयू की शीर्ष 10 में प्रतिष्ठित रैंकिंग के बारे में भी साझा किया। मित्तल ने फैकल्टी सदस्यों को उनके संबंधित डोमेन में सफलताओं के नए अध्याय जोड़ने के लिए बधाई दी और सभी को अधिक शोध, पेटेंट, प्रकाशन और इनोवेशन पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

वास्तव में एलपीयू ने दुनिया के सभी नागरिकों के लाभ के लिए अकादमिक और अनुसंधान क्षेत्रों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। गंभीर महामारी के दौरान, एलपीयू के शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों पर वैश्विक समाज को लाभान्वित करने के लिए कई नवीन उपकरण और साधन बनाए। यहां एलपीयू का निहित उद्देश्य नियमित शोध कार्यों और उसके तत्काल कार्यान्वयन के माध्यम से बढ़िया परिणाम प्राप्त करके दूरदर्शी लाभ प्रदान करना है।

पुरस्कार विजेताओं में से एक, फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ कैलाश चंद्र जुगलान ने साझा किया: “इस तरह के पुरस्कार हमें अपने प्रोफेशन और समाज के प्रति अधिक जिम्मेदार और कर्तव्यबद्ध बनाते हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मेरे भविष्य के प्रयास भी मेरे विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए हमेशा रहेंगे ताकि हम सभी अपने एलपीयू और भारत को शिक्षा जगत में नंबर एक बना सकें।