ब्यूरो : इनोसैंट हाट्स में प्री स्कूल से लेकर कॉलेज तक वर्चुअली दीपावली का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया, जिसमें इनोसैंट हार्ट्स के पांचों स्कूलों (ग्रीन मॉडल टाऊन, लोहारा, सी. जे. आर . नूरपुर व के. पी. टी.) तथा इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन के छात्रों ने बड़े उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों जैसे मोमबी सजाना, दीया सजाना, पूजा की थाली सजाना, रंगोली बनाना, तोरण बनाना, नारा लोखन, पोस्टर मेकिंग आदि अनेक गतिविधियों तथा प्रतियोगिताओं में बड़े उत्साह से भाग लिया। इनोकिड्स के प्री प्राइमरी, प्राईमरी, के.जी -1, के.जी- 2 के बच्चों ने तरह – तरह के फूलों से सुंदर रंगोली बनाई।
कक्षा दूसरी के बच्चों से मोमबी डैकोरेशन एस्टिविटी करवाई गई, जिसमें बच्चों ने मोमबशियों को बड़े आकर्षक ढंग से सजाकर अपनी – अपनी कला को प्रदर्शित किया। कक्षा तीसरी के बच्चों से दीया डैकोरेशन एक्टिविटी करवाई गई, जिसमें बच्चों ने मिट्टी के दीयों पर सुंदर डिजाइन बनाकर अपने भीतर छिपी प्रतिभा को उजागर किया।
मिट्टी के दीए बनाकर उन्होंने प्रदूषण मुर्रत ग्रीन दीवाली मनाने का संदेश दिया। बच्चों ने बेहद खूबसूरत ढंग से अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए इन गतिविधियों में भाग लिया। वहीं दूसरी ओर इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन में एंटी क्रैकर दीवाली सप्ताह मनाया गया, जिसमें इको फ्रैंडली दीवाली मनाने का संदेश दिया गया। कॉलेज के छात्रों द्वारा पहले दिन तोरण बनाने की, ‘देवी लक्ष्मी रंगोली डिज़ाइन ‘ विषय पर रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई । दूसरे दिन विद्यार्थी अध्यापकों ने संकल्प लिया कि वे कभी भी प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग नहीं करेंगे, जो प्रदूषण का प्रमुख स्रोत है।
उन्होंने कागज, सामग्री के साथ आकर्षक दीवाली उपहार पैकेज तैयार किए। तीसरे दिन’ दिस दीवाली बर्स्ट योर ईगो नॉट क्रैकर्स ‘विषय पर चित्रों के साथ स्लोगन, लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। चौथे दिन दीया सजाना व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और अगले दो दिनों में विद्यार्थी अध्यापकों के द्वारा समीप के सरकारी स्कूलों में जाकर बच्चों को हरित दीवाली मनाने के विभिन्न तरीकों के बारे में समझाया गया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इनोसेंट हार्ट्स मैनेजमैंट कॉलेज में दीवाली का त्यौहार बड़े उत्साह से मनाया गया। देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की स्तुति की गई। छात्रों ने रंगीन चावल, दीये , फूलों, अनाज और रंगोली के रंगों के मिश्रण से अद्भुत रंगोली बनाई। इस रंग – बिरंगी और जीवंत रंगोली ने उत्सव और प्रसन्नता की अनूठी तस्वीर प्रस्तुत की।
वर्चुअल क्लास तथा ऑफलाइन कक्षाओं में अध्यापिकाओं द्वारा बच्चों को बताया गया कि दीवाली स्वच्छता एवं शुभता का प्रतीक है। हमें पटाखों का इस्तेमाल न करते हुए प्रदूषण मुस्त दीवाली मनानी चाहिए। दीवाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बच्चों को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर चलने के लिए कहा।










