Home Education DAV विश्वविद्यालय में “प्लाज्मा : ऊर्जा का भविष्य स्रोत” पर वैबिनार आयोजित

DAV विश्वविद्यालय में “प्लाज्मा : ऊर्जा का भविष्य स्रोत” पर वैबिनार आयोजित

जालंधर : डीएवी यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट आफ फिजिक्स द्वारा “ प्लाज्मा : ऊर्जा का भविष्य स्रोत” विषय पर एक वैबिनार आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जालंधर के प्रोफैसर डॉ. अरविंदर सिंह मुख्य वक्ता थे। वेबिनार में विभिन्न राज्यों से 180 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। वैबिनार की शुरुआत में विभाग मुखी डॉ. केशव वालिया ने सभी का स्वागत किया।
डीएवी यूनिवर्सिटी के डीन एकेडमिक्स आफिसिएटिंग डॉ. आर.के. सेठ ने इस वैबिनार के उद्देश्य का जिक्र करते कहा कि प्लाज्मा विज्ञान के आकर्षण, इसके अनुप्रयोगों की विशाल श्रृंखला और विज्ञान और प्रौद्योगिकी में 21 वीं सदी के लिए इसके गहन निहितार्थ का संचार करना ही वैबिनार के उद्देश्य है।
वैबिनार में डॉ. अरविंदर सिंह ने प्लाज्मा के अवलोकन के साथ शुरुआत की और उपस्थित सभी को इंटरैक्टिव बनाने के लिए प्लाज्मा भौतिकी के विभिन्न बुनियादी बातों के बारे में चर्चा की। डॉ. सिंह ने बताया कि जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण में वृद्धि और विकासशील देशों में बिजली की पहुंच के संयुक्त दबाव के परिणामस्वरूप ऊर्जा की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है। इस लिए ऊर्जा के नए बड़़े पैमाने पर, टिकाऊ और कार्बन मुक्त रूप की त्वरित आवश्यकता है।
उन्होंने भविष्य के विद्युत ऊर्जा संयंत्रों के लिए एक अंतिम ऊर्जा स्रोत के रूप में संलयन पर जोर दिया, क्योंकि इसके संभावित लाभ जैसे कि सभी देशों के लिए प्रचुर मात्रा में ईंधन, पर्यावरणीय रूप से सौम्य, सुरक्षित और वायुमंडलीय प्रदूषकों या लंबे समय के रेडियो एक्टिव वेस्ट के बिना उपलब्ध है। उन्होंने उन तरीकों के बारे में भी चर्चा की जिनके माध्यम से पृथ्वी पर संलयन प्राप्त किया जा सकता है। यह वैबिनार सभी प्रतिभागियों के लिए बहुत ही ज्ञानवर्धक और लाभदायक रहा। अंत में डॉ. केशव वालिया ने डॉ. जसबीर ऋषि वाइस चांसलर आफिसिएटिंग और डॉ. केएन कौल रजिस्ट्रार आफिसिएटिंग का आभार व्यक्त किया और शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन में उनके निरंतर समर्थन और प्रेरणा के लिए धन्यवाद किया।