Home Education HMV द्वारा जिम्मेदार नवाचार एवं स्वल्प व्ययिता पर वर्चुअल सेशन का आयोजन

HMV द्वारा जिम्मेदार नवाचार एवं स्वल्प व्ययिता पर वर्चुअल सेशन का आयोजन

ब्यूरो : हंस राज महिला महाविद्यालय के रेनोवेशन सैल की ओर से जिम्मेदार नवाचार एवं स्वल्प व्ययिता विषय पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन वर्चुअल सैशन का आयोजन किया गया। इस सेशन का उद्देश्य छात्राओं को इनोवेशन के साथ – साथ सामाजिक, वातावरण व आर्थिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था। सेशन का आरम्भ गायत्री मंत्र से हुआ। प्रिंसिपल डॉ. अजय सरीन ने सेशन आयोजकों को शुभकामनाएँ दी। इंस्टीट्यूट इनोवेशन सैल की इंचार्ज डॉ. अंजना भाटिया ने रिसोर्स पर्सन का स्वागत किया। उन्होंने भारत सरकार की इनोवेशन पालिसी की व्याख्या की। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पोस्ट ग्रेजुएट डाक्टरेट जीएनडीयू के पंजाब स्कूल ऑफ इकोनामिक्स के मैंबर बोर्ड ऑफ कंट्रोल तथा कोरियन फाऊंडेशन ऑफ एडवांस स्टडीज की आवार्डी डॉ. स्वाति मेहता बतौर रिसोर्स पर्सन उपस्थित थी। उन्होंने इनोवेशन की ऐतिहासिक परिदृश्य पर बात की। उन्होंने कहा कि इनोवेशन का अस्तित्व मानव जाति जितना ही पुराना है। पहिए के अविष्कार से लेकर आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस तथा रोबोटिक्स तक मनुष्य ने इनोवेशन में लंबी छलागें मारी हैं। वर्तमान समय में इनोवेशन, आइडिया के नएपन पर निर्भर करती है। उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि प्रत्येक स्टार्टअप सफल हो, यह भी जरूरी नहीं। बिजनेस को सफल बनाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है। इसलिए छात्राओं को पूरी प्रक्रिया, मार्केट ट्रेंड, रिसर्च के प्रति बहुत सावधान होना पड़ेगा। इकोनामिस्ट होने के नाते उन्होने इस बात पर भी जोर दिया कि इनोवेशन को उत्पादन, ऊर्जा, वातावरण, स्वास्थ्य सुरक्षा मुद्दों तथा रोजगार के मुद्दों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। यहां पर स्वल्प व्यतिता इनोवेशन सामने आती हैं। इसके उदाहरण जयपुर फुट तथा नैनो कार है। अंत में उन्होंने कहा कि सोशल हॉरमनी, डीग्रेडेशन, प्राकृतिक संसाधनों का प्रारूप बदल गया है। पोलिटिकल साइंस की सहायक प्राफिसर अल्का ने धन्यवाद प्रस्ताव पढ़ा।