Home Education HMV कॉलेजिएट स्कूल में तीन दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

HMV कॉलेजिएट स्कूल में तीन दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

ब्यूरो : एच.एम.वी. कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जालंधर में क्षमता निर्माण आउटरीच कार्यक्रम के अन्तर्गत गणित शिक्षकों के लिए ज्योमैट्रिकल थियूरम्स का दृश्य अन्वेषण विषय पर तीन दिवसीय डीएसटी, एनसीएसटीसी ( भारतसरकार, नई दिल्ली ), पंजाब स्टेट कौंसिल फार साइंस एंड टैक्नालोजी एवं हंसराज महिला महा विद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला का आयोजन प्रिंसिपल डॉ. अजय सरीन के योग्य नेतृत्व अधीन समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मीनाक्षी स्याल ( स्कूल कोआर्डिनेटर ) एवं डॉ. के.एस. बाठ ( ज्वाइंट डायरेक्टर, पीएससीएसटी, चण्डीगढ़ ) ने कार्यशाला में आमंत्रित मुख्या तिथि डॉ. पवन गुप्ता ( मैंबर स्थानीय प्रबंधक कमेटी ) का अभिनंदन प्लाटरभेंट कर किया। कार्यक्रम का आरंभ ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित कर एवं डीएवी गान से किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गणित की कक्षा में टेक्नोलॉजी को शामिल करना और छात्रों को सक्रिय रूप से सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के प्रथम दिवस में मुख्य स्रोत वक्ता गुरमीत सिंह ने रेखा गणित के विभिन्न पहलुओं त्रिभूज, रोम्बस एवं ट्रेयेजियम की किस्मों को प्रायोगिक ढंग से बनाई गई किट का प्रयोग करके प्रदर्शित किया। द्वितीय दिवस में सर्कल, साइक्लिक क्वाडीलेटरल, आर्क के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि एक सर्कल की स्पर्श रेखा बाहरी बिन्दु से खांची गई स्पर्श रेखा लंबाई में बराबर होती है। इसके साथ साथ उन्होंने वर्ग आयात, पैरलेलगैम, ट्रेपेजियम और रोम्बस के थियोरम एवं गुणों के विषय में ज्ञानवर्धक ज्ञान दिया। समापन सत्र में उन्होंने मूल अनुपात और मध्य बिंदु के थियोरम, एक त्रिभुज की मध्यारेखा एवं एक त्रिकोण के कोणद्विभाजक ( बाइसेक्टर ) से संबंधित थियोरम की जानकारी दी, जिससे उन्हों ने सभी प्रतिभागियों को लाभान्वित किया एवं अपनी शिक्षा प्रणाली में अपनाने के लिए प्रेरित किया जिससे छात्राओं को गणित के विभिन्न पहलुओं को समझने में आसानी हो और उनमें गणित विषय के प्रतिरूचि बढ़े एवं उनके ज्ञान में बढ़ौतरी ही यह गणितीय अवधारणाओं पर एवं विभिन्न गतिविधियों का एक संवादात्मक सत्र था, जिसने विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को लाभान्वित किया मीनाक्षी स्याल ने मुख्य स्रोत वक्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सत्र बहुत ही शिक्षा प्रद एवं नवीन विचारों से ओत प्रोत रहा यह गणित में प्रौद्योगिकी का समावेश है जिसने तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके अनुभव के साथ शिक्षा प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला तभी सफल है जब हम महान विद्वानों के ज्ञानवर्धक विचारों को शिक्षा प्रणाली में आत्मसात करेंगे। मुख्या तिथि डॉ. पवन गुप्ता ने कहा कि आज के युग में गणित के लिए नई तकनीकों को शामिल करना आवश्यक है ताकि गणित विषय को और रोचक बनाया जाए। इस कार्यशाला में विभिन्न स्कूलों से 30 अध्यापकों ने प्रतिभागिता की। ममता व अनु गुप्ता ने अपने बहु मूल्य अनुभव सांझा किए और कहा कि यह उनके लिए एक अद्भुत और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा क्योंकि वे गणित के हीरो को शिक्षणसहायक सामग्री के रूप में अपने साथ लेकर जा रहे हैं। मंच का संचालन जसप्रीत कौर ने किया।